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भारत में तीसरी लहर की दस्तक! ओमिक्रॉन ने बढ़ाई चिंता

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दिल्ली। कोरोना वायरस के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन (Omicron Variant) ने पूरी दुनिया में तेजी से अपने पैर पसारने शुरू कर दिए हैं। अब तक दुनियाभर में इस वेरिएंट के 400 मामले सामने चुके हैं। अकेले दक्षिण अफ्रीका में 183 लोग ओमिक्रॉन वेरिएंट से संक्रमित पाए गए हैं। भारत में भी 4 मामलों की पुष्टि की जा चुकी है। कर्नाटक में दो, महाराष्ट्र में एक और गुजरात में एक ओमिक्रॉन वेरिएंट से कोविड पॉजिटिव मिले हैं। जिसके बाद सरकारें अलर्ट पर हैं और संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए तमाम पाबंदियां लागू कर दी गई हैं।

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तीसरी लहर की आशंका भी तेज

कोरोना का नया वेरिएंट (Omicron Variant) भारत में पाए जाने के बाद देश में कोरोना की तीसरी लहर की आशंका भी तेज हो गई है। बीते कई महीनों से वैज्ञानिक भारत में तीसरी लहर आने की चेतावनी देते आ रहे हैं। इस बीच नए वेरिएंट ने चिंता बढ़ा दी है। दुनियाभर में ओमिक्रॉन पर रिसर्च जारी है और वैज्ञानिकों का भी कहना है कि अभी इस वेरिएंट को समझने में कुछ दिन या हफ्ते लग सकते हैं। भारत में तीसरी लहर की वजह बन सकता है ओमिक्रॉन वेरिएंट? हालांकि वैज्ञानिक मानते हैं कि ओमिक्रॉन वेरिएंट भारत में कोविड-19 की तीसरी लहर की वजह बन सकता है और इससे सभी को सावधान रहने की जरूरत है।

तेज रफ्तार से जारी

भारत में लोगों को कोरोना से सुरक्षा कवच देने के लिए वैक्सीनेशन तेज रफ्तार से जारी है। ऐसे में यह भी कहा जा रहा है कि अगर भारत में फिर से मामले बढ़ने शुरू भी होते हैं तो शायद दूसरी लहर जितनी खतरनाक स्थिति पैदा ना हो। वहीं, इससे बचाव के लिए लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क समेत अन्य कोविड प्रोटोकॉल (Covid Protocol) का पालन करने की सलाह दी जा रही है।

क्यों खतरनाक है ओमिक्रॉन?

बता दें कि ओमिक्रॉन (Omicron Variant)  में तीस से ज्यादा बार म्यूटेशन हुआ है, जिसके चलते इसे डेल्टा वेरिएंट की तुलना में 5 गुना तक अधिक संक्रामक माना जा रहा है। लेकिन राहत की बात यह है कि दक्षिण अफ्रीका में पाए गए ओमिक्रॉन वेरिएंट के चलते अब तक कोई गंभीर लक्षण सामने नहीं आए हैं। बल्कि कई वैज्ञानिकों का कहना है कि यह वेरिएंट हल्की बीमारी का कारण बन रहा है। इसके साथ ही अब तक ओमिक्रॉन से किसी की मौत भी दर्ज नहीं की गई है। फिलहाल यह कितना अधिक खतरनाक साबित हो सकता है और लोगों के स्वास्थ्य पर किस हद तक असर डाल रहा है, इसे लेकर अभी भी वैज्ञानिक रिसर्च कर रहे हैं। शुरुआती तौर पर यह कहा गया है कि ओमिक्रॉन तेजी से फैल सकता है।