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कर्नाटक सीमा के 856 गांवों पर दावा करेगी शिंदे सरकार

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मुंबई। कर्नाटक और महाराष्ट्र के बीच सीमा विवाद गहराता जा रहा है। कर्नाटक विधानसभा (KARNATAK VIDHANSABHA) में पिछले गुरुवार को सर्वसम्मति से इस मसले पर प्रस्ताव पारित करने के बाद महाराष्ट्र सरकार ने भी मंगलवार को अपने राज्य के हितों की रक्षा करने का संकल्प लिया। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मराठी विरोधी रुख की निंदा करते हुए राज्य विधानसभा में कर्नाटक के समान प्रस्ताव पेश किया। इसे सर्वसम्मति से पारित किया गया।

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प्रस्ताव में कहा गया कि 865 मराठी भाषी गांवों का हर इंच महाराष्ट्र में शामिल किया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट में इसके लिए जो भी जरूरी होगा, महाराष्ट्र सरकार करेगी। केंद्र से सीमावर्ती इलाकों के मराठियों (KARNATAK VIDHANSABHA)  की सुरक्षा की मांग की जाएगी। बेलगाम, कारवार, बीदर, निपानी, भाल्की के 865 गांव महाराष्ट्र का हिस्सा होंगे। गृहमंत्री अमित शाह के हस्तक्षेप बावजूद भाजपा शासित दोनों राज्यों के बीच संघर्ष बढ़ने के आसार हैं। कर्नाटक में अगले साल चुनाव होने हैं। कर्नाटक के पूर्व सीएम सिद्धारमैया ने महाराष्ट्र के प्रस्ताव को उकसावे की कार्रवाई बताया है।

956 से चल रही है तनातनी

उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना एकनाथ शिंदे सरकार पर कर्नाटक (KARNATAK VIDHANSABHA)  के खिलाफ कड़ा रुख नहीं अपनाने का आरोप लगाते हुए हमले करती रही है। दोनों राज्यों में सीमा विवाद 1956 से चल रहा है। तब तत्कालीन महाराष्ट्र सरकार ने कर्नाटक के साथ अपनी सीमा का फिर से निर्धारण करने की मांग की थी। महाराष्ट्र के दक्षिण सोलापुर और अक्कलकोट क्षेत्रों पर कर्नाटक दावा करता रहा है, जहां बहुसंख्यक आबादी कन्नड़ भाषी है।