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विधायकों का पत्र लेकर शीर्ष नेताओं के पास पहुंचे पुनिया

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रायपुर। मंत्री टीएस सिंहदेव (TS SINGHDEV) के पत्र के बाद एक बार फिर कांग्रेस विधायकों की लामबंदी शुरू हो गई है। ढाई-ढाई साल के फार्मूले पर अब तक अकेले संघर्ष कर रहे सिंहदेव के समर्थन में इस बार दो विधायक शैलेश पांडेय और छन्‍नी साहू खुलकर सामने आए हैं।

अंदरखाने कई विधायक उनके साथ हैं, लेकिन सभी को केंद्रीय नेतृत्व के संकेत की प्रतीक्षा है, जबकि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के साथ विधायकों का एक बड़ा वर्ग खड़ा है। सिंहदेव (TS SINGHDEV)  का पत्र सार्वजनिक होने के बाद सीएम समर्थक विधायकों ने केंद्रीय संगठन को एक पत्र भेजा है। इसमें सिंहदेव पर कार्रवाई की मांग की गई है। इस पत्र को लेकर प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया ने मंगलवार को राष्ट्रीय महामंत्री संगठन केसी वेणुगोपाल से मुलाकात की है। बताया जा रहा है कि वेणुगोपाल अब कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी और पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के सामने पत्र पेश करेंगे। इसके बाद ही पार्टी किसी निर्णय पर पहुंचेगी। कांग्रेस के उच्च पदस्थ सूत्रों की मानें तो मुख्यमंत्री खेमा इस मामले का एक-दो दिन में ही निर्णय लेने का दबाव बना रहा है।

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विभाग वापस या छोड़ना होगा मंत्री पद

कांग्रेस के उच्च पदस्थ सूत्रों की मानें तो मुख्यमंत्री खेमे को जिस तरह से विधायकों का समर्थन मिल रहा है, उससे सिंहदेव के सामने दो विकल्प होंगे। पहला, वे पंचायत विभाग के मंत्री पद की जिम्मेदारी एक बार फिर संभालें, दूसरा या फिर भूपेश सरकार से इस्तीफा देकर मंत्रिमंडल से बाहर चले जाएं। सीएम खेमे ने केंद्रीय संगठन तक यह संदेश पहुंचा भी दिया है।

ज्योतिरादित्य से आदि बाबा की मुलाकात

कांग्रेस छोड़कर भाजपा में गए केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से मंत्री टीएस सिंहदेव (TS SINGHDEV)  के भतीजे आदित्येश्वर शरण सिंहदेव (आदि बाबा) ने कुछ दिनों पहले मुलाकात की थी। आदि बाबा ने यह जानकारी इंटरनेट मीडिया पर सार्वजनिक की है। हालांकि उनकी मुलाकात को सियासी गलियारे में अलग नजरिए से देखा जा रहा है। भाजपा का एक गुट यह प्रचारित कर रहा है कि अगर सिंहदेव विवाद का पटाक्षेप नहीं होता है, तो बाबा भाजपा के पाले में आ सकते हैं।

मंत्रिमंडल में बदलाव की चर्चा से गरमाई राजनीति

मंत्री सिंहदेव प्रकरण के बीच यह चर्चा तेज है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की कैबिनेट में बदलाव होगा। बघेल ने प्रदेश्ा प्रभारी पुनिया से कहा है कि तीन मंत्रियों को हटाकर नए मंत्री नियुक्त किए जाएं। पुनिया को केंद्रीय संगठन से बातचीत का जिम्मा सौंपा गया है। हालांकि सिंहदेव विवाद के बाद यह कितना संभव है, इसका अनुमान कोई भी लगाने की स्थिति में नहीं है।