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Farmers Prostests पर कृषि मंत्री तोमर का बयान- किसान बड़े खतरे में पड़े हुए हैं

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दिल्ली /लगातार किसान आंदोलन (Farmers Prostests) में बढ़ती संख्या को देखते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा है कि किसान आंदोलन के दौरान यूनियन के साथ छह दौर की बातचीत हुई। सरकार का लगातार आग्रह था कि कानून के वो कौन से प्रावधान हैं जिन पर किसान को आपत्ति है, कई दौर की बातचीत में ये संभव नहीं हो सका अब सरकार का प्रस्ताव किसानों पास है, उन लोगों की टिप्पणी हमारे पास नहीं आई। मीडिया के माध्यम से पता चलता है कि उन्होंने प्रस्ताव को खारिज कर दिया। जैसे ही प्रस्ताव आएगा हम बातचीत के लिए तैयार है।

मैं यूनियन के लोगों को कहना चाहता हूं कि उन्हें गतिरोध तोड़ना चाहिए। कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने यह भी कहा कि किसी भी कानून में प्रावधान पर आपत्ति होती है, प्रावधान पर ही चर्चा होती है। प्रस्ताव में हमने उनकी आपत्तियों का निराकरण करने की कोशिश की है। उन्हें किसान आंदोलन (Farmers Prostests) समाप्त करके वार्ता का रास्ता अपनाना चाहिए। सरकार ने कानून बहुत सोच-समझकर बनाए हैं, किसानों के जीवन स्तर में बदलाव लाने के लिए बनाए हैं।

उन्होंने आगे कहा कि सर्दी का मौसम है और कोरोना का संकट है, किसान बड़े खतरे में पड़े हुए हैं। किसान आंदोलन (Farmers Prostests) से जनता को भी परेशानी होती है, दिल्ली की जनता परेशान हो रही है। इसलिए जनता के हित में, किसानों के हित में उनको आंदोलन को समाप्त करना चाहिए।

Farmers Prostests के दौरान  कोरोना टेस्ट

ज्ञात हो कि किसानो के स्वास्थ को देखते हुए सिंघु बॉर्डर पर कोविड टेस्ट किया जा रहा है। स्वास्थ्य कर्मी ने बताया, “हमारा लक्ष्य प्रतिदिन 200 टेस्ट करने का है लेकिन अभी हमने 23 टेस्ट किए हैं और सभी नेगेटिव आए हैं। हम लोग सभी को टेस्ट कराने के लिए बोल रहे हैं। हम एंटीजन और RT-PCR टेस्ट कर रहे हैं।”