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NIT रायपुर के डॉ. ललित और डॉ.शुभ्रता को मिला पेटेंट, बनाया “मल्टीलेवल इनवर्टर”

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रायपुर। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT) ने एक बार फिर विज्ञान और अनुसंधान के क्षेत्र में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग के सहायक प्रोफेसर, डॉ ललित कुमार साहू, और उनकी टीम को “फॉल्ट टॉलरेंट सिंगल फेज मल्टीलेवल इनवर्टर (एमएलआई)” नामक आविष्कार पर एक पेटेंट प्राप्त हुआ है।

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डॉ. ललित कुमार साहू इस परियोजना के अन्वेषक थे, एवं इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग की प्रोफेसर, डॉ. शुभ्रता गुप्ता सह-अन्वेषक थी और शिवम प्रकाश गौतम भी सह-अन्वेषक थे। माणिक जलहोत्रा, इस टीम के जूनियर रिसर्च फेलो थे।

इस आविष्कार के बारे में डॉ. ललित ने बताया कि “यह एक पॉवर कनवर्टर के तौर पर कार्य करता है, जिसके प्रयोग से सौर ऊर्जा को घरेलु ऊर्जा में प्रभावी रूप से परिवर्तित किया जा सकता है। सूर्य किरणों से प्राप्त डी. सी. ऊर्जा को ऐ. सी. उर्जा में परिवर्तित करने का कार्य पॉवर कनवर्टर के माध्यम से किया जाता है।

आम तौर पर पॉवर कनवर्टर दस पन्द्रह सालों तक ही ठीक तरह से कार्य करते है, और इनमें तकनीकि खराबी की शिकायतें आती रहती है, परन्तु इस पॉवर कनवर्टर के माध्यम से तकनिकी खराबी होने के बावजूद बिजली आपूर्ति निर्बाध रूप से जारी रह सकेगी।

इस आविष्कार का उद्देश्य विभिन्न प्रकार के अनुप्रयोगों में बिजली की आपूर्ति के लिए सौर प्रणाली को तेजी से और व्यापक रूप से अपनाने को बढ़ावा देना है। पावर इलेक्ट्रॉनिक्स कन्वर्टर्स, सौर ऊर्जा एकीकरण में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं ताकि इसे भविष्य की ऊर्जा आवश्यकताओं के लिए एक विकल्प के तौर पर अपनाया जा सके। इससे बड़े पैमाने पर समाज और पर्यावरण पर पड़ने वाले पारंपरिक ऊर्जा प्रणाली के हानिकारक प्रभावों को कम करने में मदद मिलेगी।

इस परियोजना की शुरुआत 2017 में विज्ञान और अनुसंधान इंजीनियरिंग बोर्ड (S.E.R.B.), नई दिल्ली को शोध प्रस्ताव प्रस्तुत करने के साथ हुई। कई दौर की कड़ी जांच और प्रस्तुति के बाद, डॉ. साहू के नेतृत्व वाली टीम को एस.ई.आर.बी द्वारा ₹43.45 लाख का शोध अनुदान प्राप्त हुआ और अनुसंधान के पूरा होने के बाद 2019 में इसके पेटेंट के लिए अनुरोध दायर किया गया था।

डॉ. ललित कुमार साहू और उनकी टीम ने डॉ. ए.एम. रावाणी, निदेशक,NIT रायपुर, डॉ. प्रभात दीवान, डीन (अनुसंधान और परामर्श), और इलेक्ट्रिकल विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. एन. डी. लोंढे के समर्थन और प्रोत्साहन के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने इस परियोजना के वित्तपोषण के लिए एस.ई.आर.बी, नई दिल्ली को भी धन्यवाद दिया।

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विगत दिनों ब्रसेल्स, बेल्जियम में 17 अक्टूबर से लेकर 20 अक्टूबर तक आयोजित हुए औद्योगिक इलेक्ट्रॉनिक्स सोसाइटी (आईईसीओएन 22) के 48 वें आईईईई अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में डॉ ललित कुमार साहू द्वारा अपने इस आविष्कार का प्रदर्शन किया गया और अपने विचार प्रस्तुत किये गए |