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धुर नक्सल प्रभावित इलाके ओरछा के ब्रेहबेड़ा पहुंचे कलेक्टर और एसपी, ग्रामीणों से की चर्चा

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नारायणपुर। नारायणपुर जिले के संपूर्ण विकास को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन द्वारा शासन की कल्याणकारी एवं विकासमूलक कार्यों को दूरस्थ एवं अत्यंत पिछड़े ईलाकों में पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा पूरी प्रतिबद्धता एवं संवेदनशीलता के साथ प्रयास किया जा रहा है। कलेक्टर ऋतुराज रघुवंशी के मार्गदर्शन एवं नेतृत्व में शासन की मंशा के अनुरूप गांव और गांव वालों के विकास के लिए लाभार्थी योजनाओं, जिसमें स्वास्थ्य, शिक्षा, सुपोषण इत्यादि शामिल हैं, को पहुंचाया जा रहा है। इन योजनाओं का लाभ ग्रामीणों को मिल रहा है या नहीं उसकी जमीनी हकीकत जानने के लिए समय-समय पर कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक द्वारा इन ग्रामीण ईलाकों का निरीक्षण भी किया जा रहा है।

इसी तारतम्य में कलेक्टर ऋतुराज रघुवंशी एवं पुलिस अधीक्षक सदानंद कुमार ओरछा विकासखंड के ब्रेहबेड़ा गांव पहुंचकर ग्रामीणों से बातचीत की और योजनाओं के क्रियान्वयन का जायजा लिया। इस दौरान आईपीएस अक्षय कुमार, जिला शिक्षा अधिकारी जीआर मंडावी, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास संजय चंदेल, बीएमओ नारायणपुर डॉ केशव साहू, रक्षित निरीक्षक दीपक साव, सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

ग्रामीणों से चर्चा के दौरान कलेक्टर ने ग्रामीणों की मांग एवं समस्याओं पर ध्यान केन्द्रीत करते हुए कहा कि ग्रामीण जनों की पेयजल, शिक्षा और स्वास्थ्य संबंधी सुविधाओं को प्राथमिकता के साथ उपलब्ध कराया जायेगा। उन्होंने ग्रामीणों से उनकी खेती-बाड़ी, बच्चों की शिक्षा, विद्युत एवं स्वास्थ्य के संबंध में बातचीत की। ग्रामीणों ने कहा कि गांव में 3 सोलर पंप की आवश्यकता है। इसके अलावा उन्होंने उपचार केन्द्र हेतु एक कक्ष की भी मांग की। इस संबंध में कलेक्टर ने सोलर पंप संबंधी सुविधा उपलब्ध कराने के लिए आदिवासी आयुक्त को निर्देशित किया। वहीं मिनी आंगनबाड़ी केन्द्र को एक शिक्षकीय कक्ष और उपचार केंद्र के रूप में कक्ष निर्माण करने के भी निर्देश दिये। कलेक्टर ने ग्राम पंचायत के सचिव को निर्देशित करते हुए कहा कि ब्रेहबेड़ा गांव में ग्रामीणों की मांग के अनुरूप बड़ा तालाब निर्माण सहित भूमि समतलीकरण एवं बाड़ी निर्माण के प्रकरण तैयार करने के निर्देश दिये। इस दौरान उन्होंने मिनी आंगनबाड़ी केन्द्र का भी निरीक्षण किया।

शिक्षकों को मुख्यालय में रहने के निर्देश

ग्रामीणों ने बातचीत के दौरान बताया कि गांव के प्राथमिक विद्यालय में पदस्थ शिक्षक राजेन्द्र कुमार ध्रुव एवं उपेन्द्र कुमार पदस्थापना मुख्यालय में निवास नहीं करते। इस कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है। कलेक्टर ने शिक्षकों पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि वे मुख्यालय में रहना सुनिश्चित करें। मुख्यालय में नहीं रहने पर उनके विरूद्ध कार्यवाही की जायेगी। बातचीत के दौरान ग्रामीणों ने ब्रेहबे़ड़ा की सचिव की शिकायत की और समय पर योजनाओं का लाभ नहीं मिलने की बात कही। इस पर कलेक्टर ने ओरछा जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को तत्संबंधित के विरूद्ध कार्यवाही करने के निर्देश दिये।

अब बनेंगे ग्रामीणों के आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र

कलेक्टर रघुवंशी ने कहा कि ओरछा का यह पिछड़ा गांव जिसमें मसाहती सर्वे से छुटे हुए लोगों को आय और जाति प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं हो सका है। इसलिए शासन की कई येाजनाओं का उन्हें समुचित लाभ नहीं मिल पाता है। ग्रामीणों के बच्चों के आय, जाति एवं निवास प्रमाण पत्र बनाने के उद्देश्य से 24 अप्रैल को आयोजित होने वाले ग्राम सभा में आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र की प्रक्रिया पूरी कराने और अनुमोदित कराने के लिए सचिव को निर्देशित किया। इसके अलावा उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि वे अपने बच्चों को विद्यालय में भेजे और उन्हें शिक्षित बनायें। ग्रामीणों ने जानकारी देते हुए बताया कि विगत दिनों से निरव नदी के पास बिजली तार टूटने के कारण बिजली उपलब्ध नहीं हो पा रही है। इस संबंध में कलेक्टर ने विद्युत विभाग के अधिकारियों को विद्युत व्यवस्था दुरूस्त करने के निर्देश दिये।