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टीएस सिंहदेव ने की स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा, कहा- उपकरण खरीदी में न हो दोहराव

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दंतेवाड़ा। प्रदेश के दौरे पर निकले सूबे के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने बस्तर संभाग के दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर समीक्षा बैठक ली है। उन्होंने इस दौरान कोरोना काल में चिकित्सकों के कार्यों को सराहा है।

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सिंहदेव ने कहा कि “कोविड काल में डाक्टर्स ने जिस दृढ़ता से कार्य किया, जिस तरह से चिकित्सकों ने जिम्मेदारी निभाई वह काबिलेतारीफ है। जिले में संतोषजनक परिणाम रहे हैं। यह बाते लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की समीक्षा के दौरान मंत्री टी. एस. सिंहदेव ने व्यक्त किए।”

उन्होंने कोरोना के प्रति अभी भी सावधानी बरतने को कहा तथा जिले में टेस्टिींग बढ़ाए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने टीकाकरण की प्रगति पर संतोष जताया और कहा कि यह जिला चुनौतिपूर्ण है। सिंहदेव ने कहा कि जिनका टीकाकरण ओव्हरड्यू है उन्हें लगाना है। अपनी ओर से प्रयास करके लोगों को प्रेरित करें। उन्होंने चिकित्सकों को प्रोएक्टीव होकर कार्य करने की सलाह दी।

मंत्री सिंहदेव ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा विभिन्न अवसरों पर दवाओं को एवं उपकरणों को खरीदी के संबंध में कहा कि खरीदी में दोहराव नहीं होना चाहिए। इसे नियंत्रित करें। डबल परचेस नहीं होना चाहिए। किसी भी उपकरण, दवाओं के खरीदी के पूर्व संचालक स्वास्थ्य सेवाओं से अनुमति प्राप्त करें। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी तथा सिविल सर्जन नियमित रूप से स्टोर का निरीक्षण करें।

जेनेरिक दवाओं पर दिया ज़ोर

सिंहदेव ने जेनेरिक दवाओं को प्रोत्साहित करने कहा। चिकित्सकों से अपेक्षा की, कि वे किये प्रिस्क्रीस्पशन में जेनेरिक दवाएं प्रिस्क्राइब्ड करें साथ ही केपिटल लेटर का अपने चिट में उपयोग करें। श्री सिंहदेव ने कहा कि शासन की मंशा है कि हर प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में एक एमबीबीएस डॉक्टर हो कि इसी प्रकार हाट-बाजार क्लीनिक के लिए एक एमबीबीएस डॉक्टर उपलब्ध कराने की कोशिश की जा रही है। इससे स्वास्थ्य सेवाओं में काफी सुधार लाया जा सकेगा। उन्होंने जिले में मलेरिया मुक्ति अभियान की तारीफ की और कहा कि अब हमें इससे आगे एक कदम मलेरिया उन्मूलन की ओर बढ़ना है।

बायो और इलेक्ट्रीक ऑडिट जरूर हो

सिंहदेव ने कहा कि चिकित्सकों की नियुक्ति के दौरान यह बात ध्यान में रखी जाए कि शल्य चिकित्सक के साथ एनेस्थिया चिकित्सक भी पदस्थ हो। तभी उसकी सार्थकता है। इसी प्रकार उन्होंने सीएमएचओ से कहा कि प्रत्येक संस्था का बायो ऑडिट और इलेक्ट्रीक ऑडिट अवश्य कराएं। उन्होंने हमर लैब के इन्फ्रा की जानकारी दी। साथ ही जिला चिकित्सालय में आंतरिक सुधार की आवश्यकता बताई। श्री सिंहदेव ने जिले में मेडिकल कॉलेज की संभावनाएं तलाश करने जनप्रतिनिधियों से कहा।

बैठक में तीनों जिला सुकमा, बीजापुर एवं दन्तेवाड़ा के स्वास्थ्य गतिविधियों की गहन समीक्षा कर आवश्यक निर्देश दिए गए। बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास संचालक कार्तिकेय गोयल, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, चिकित्सा शिक्षा विभाग आयुक्त डॉ सी आर प्रसन्ना, विधायक श्रीमती देवती महेंद्र कर्मा,

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छग पादप बोर्ड उपाध्यक्ष छबीन्द्र कर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष सुकमा हरीश कवासी, जिला पंचायत सदस्य सुलोचना कर्मा, पूर्व महापौर जगदलपुर जतिन जायसवाल अन्य जनप्रतिनिधिगण, जिला पंचायत सीईओ आकाश छिकारा, अपर कलेक्टर संजय कन्नौजे, एसडीएम अबिनाश मिश्रा सहित दंतेवाड़ा, बीजापुर एवं सुकमा के सबंधित अधिकारीगण उपस्थित थे।